सिलीगुड़ी: समतल और पहाड़ी क्षेत्र के वाहन चालकों के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद थम ने का नाम नहीं ले रहा है। सिक्किम की तर्ज पर पहाड़ों में समतल क्षेत्र की गाड़ियों के ‘साइट सीन’ पर प्रतिबंध लगाए जाने के विरोध में समतल के वाहन चालकों ने बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। चालक संगठनों ने चेतावनी दी है कि मंगलवार से वे समतल से दार्जिलिंग की किसी भी वाहन को न तो यात्री उठाने देंगे और न ही पर्यटकों को ले जाने की अनुमति देंगे। उन्होंने यह भी साफ किया कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो समतल क्षेत्र में पहाड़ी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी जाएगी।
बता दे कि, पहाड़ी वाहन चालक संगठनों का आरोप है कि समतल क्षेत्र के वाहन सीधे पर्यटकों को प्रमुख पर्यटन स्थलों तक ले जा रही हैं, जिससे स्थानीय पहाड़ी चालकों की रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि समतल के वाहनों को तय स्थानों पर ही पर्यटकों को उतारना चाहिए और उसके बाद स्थानीय पहाड़ी गाड़ियों से ही साइट सीन कराया जाना चाहिए। बीते महीने के अंत से ही इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था।
वहीं अब पहाड़ के इस फैसले के खिलाफ समतल के वाहन चालक संगठन खुलकर सामने आ गए हैं। उनका आरोप है कि पहाड़ में पर्यटक ले जाने पर उन्हें धमकाया जा रहा है और कई मामलों में वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई है। समतल के चालक नेता समीर पांडे ने कहा है, यदि वाहनों को पहाड़ में प्रवेश से रोका गया, तो पहाड़ी क्षेत्र के वाहनों को भी समतल में चलने नहीं दिया जाएगा।
सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देव ने इस मामले में हस्तक्षेप किया है। उन्होंने जीटीए प्रमुख अनित थापा से फोन पर बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश शुरू की है। हालांकि, पहाड़ के संयुक्त चालक संगठनों के प्रवक्ता राहुल शारसा ने स्पष्ट किया कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन पहाड़ में समतल क्षेत्र के वाहनों के व्यावसायिक संचालन और साइट सीन को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा ।
इस मामले से पर्यटन से जुड़े व्यवसायियों ने चिंता जताई और कहा, इस तरह के वाक्यों से नकारात्मक असर पूरे दार्जिलिंग पर्यटन उद्योग पर पड़ेगा।
सूत्रों से जानकारी मिली है कि, इस घटना को लेकर कई मामले भी दर्ज हुए है |


















