सिलीगुड़ी: दार्जिलिंग को यूँ ही “पहाड़ों की रानी” नहीं कहा जाता। जिसने भी एक बार इस खूबसूरत पहाड़ी शहर की सैर की है, उसका मन बार-बार यहाँ लौट आने को करता है। चारों तरफ ऊँचे-ऊँचे पर्वत, हरे-भरे जंगल, चाय के बागान, बादलों से ढकी पहाड़ियाँ और ठंडी हवाओं में घुली एक अलग-सी ताजगी… दार्जिलिंग का हर कोना अपने आप में एक कहानी कहता है।
यहाँ की संकरी गलियाँ और पुराने अंदाज़ में बने घर-मकान आपको किसी विदेशी शहर का एहसास कराते हैं। पुराने बाजारों से गुजरते हुए ऐसा लगता है जैसे वक्त कुछ पल के लिए ठहर गया हो और 80 के दशक की यादें फिर से सामने आ गई हों।
मॉल रोड की चहल-पहल, सैलानियों की भीड़ और चारों ओर तैरती धुंध… इन सबके बीच दार्जिलिंग एक ऐसा एहसास देता है, जिसे शब्दों में पूरी तरह बयान करना मुश्किल है।
और फिर आती है यहाँ की सबसे खूबसूरत सुबह टाइगर हिल का सूर्योदय
सुबह तड़के जब आसमान धीरे-धीरे रोशनी से भरना शुरू करता है और सूरज की पहली किरणें बर्फ से ढकी कंचनजंगा की चोटियों को छूती हैं, तो पहाड़ों का रंग पल-पल बदलता दिखाई देता है। गुलाबी से नारंगी और फिर सुनहरी आभा में नहाती कंचनजंगा को देखना किसी जादुई अनुभव से कम नहीं।
साफ मौसम में टाइगर हिल से माउंट एवरेस्ट और मकालू की चोटियों की झलक भी दिखाई दे सकती है। दूर तक फैली हिमालय की श्रेणियाँ, नीचे दार्जिलिंग की घाटी, हरी-भरी पहाड़ियाँ और घाटियों में तैरते बादल ऐसा लगता है जैसे आप सचमुच बादलों के ऊपर खड़े हों।
टाइगर हिल का इलाका सिंचाल वन्यजीव अभयारण्य से भी जुड़ा हुआ है। रास्ते में ऊँचे ओक और पाइन के पेड़, रोडोडेंड्रोन के खूबसूरत फूल और हिमालयी पक्षियों की आवाजें इस सफर को और खास बना देती हैं।
फोटोग्राफर्स के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं। सूर्योदय के बदलते रंग, धुंध में खोती पहाड़ियाँ और सुनहरी रोशनी में नहाती चोटियाँ हर फ्रेम अपने आप में एक तस्वीर नहीं, बल्कि एक याद बन जाता है।
टाइगर हिल जाने से पहले ध्यान रखें
सूर्योदय देखने के लिए आमतौर पर सुबह करीब 3:30–4:00 बजे होटल से निकलना पड़ता है, ताकि समय पर पहुँचकर अच्छा स्थान मिल सके।
सुबह के समय काफी ठंड हो सकती है। गर्म जैकेट, ऊनी कपड़े, दस्ताने और टोपी साथ रखना बेहतर है। व्यूइंग एरिया के लिए अलग-अलग प्रकार के पास उपलब्ध हो सकते हैं। यात्रा से पहले वर्तमान व्यवस्था और उपलब्धता की जाँच कर लेना बेहतर है।
दार्जिलिंग की सड़कों के बीच से गुजरती टॉय ट्रेन को देखना मत भूलिए। पहाड़ों के बीच धीरे-धीरे चलती यह ट्रेन इस शहर की खूबसूरती में जैसे एक पुराना, खूबसूरत अध्याय जोड़ देती है। दार्जिलिंग सिर्फ एक जगह नहीं एक एहसास है और टाइगर हिल की सुबह उस एहसास का सबसे खूबसूरत रंग |

























