सिक्किम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर सिक्किम कैबिनेट ने विशेष बैठक कर उन्हें बधाई दी और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान की सराहना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालकर अपने सार्वजनिक जीवन की इस यात्रा की शुरुआत की थी।
बैठक में मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व, राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण, समावेशी विकास, सुशासन तथा आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के निर्माण के उनके दृष्टिकोण की सराहना की। कैबिनेट ने कहा कि सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष उनकी जनसेवा, राष्ट्रीय प्रगति और देशवासियों की आकांक्षाओं के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक हैं।
कैबिनेट ने प्रधानमंत्री के मूल मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की विशेष रूप से सराहना की। साथ ही, ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की अवधारणा को राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक सद्भाव और अखंडता को मजबूत करने वाला बताया।
बैठक में पूर्वोत्तर भारत के विकास के लिए प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण की भी प्रशंसा की गई। कैबिनेट ने कहा कि पूर्वोत्तर के आठ राज्यों को ‘अष्टलक्ष्मी’ के रूप में संबोधित करना इस क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि, प्राकृतिक सुंदरता, रणनीतिक महत्त्व और आर्थिक संभावनाओं को दर्शाता है। बेहतर बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, पर्यटन, निवेश और रोजगार के अवसरों के माध्यम से यह क्षेत्र विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
सिक्किम के प्रति प्रधानमंत्री के सहयोग के लिए जताया आभार
सिक्किम सरकार ने राज्य के विकास और जनकल्याण के लिए प्रधानमंत्री के निरंतर सहयोग, प्रोत्साहन और समर्थन के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। राज्य स्थापना की स्वर्ण जयंती के समापन समारोह में प्रधानमंत्री की उपस्थिति को सिक्किम की जनता के लिए गौरव और आशीर्वाद का क्षण बताया गया।
कैबिनेट ने कोविड-19 महामारी, विनाशकारी तीस्ता बाढ़, भूकंप, भूस्खलन और अन्य कठिन परिस्थितियों के दौरान केंद्र सरकार से मिले सहयोग के लिए प्रधानमंत्री का विशेष आभार जताया। बैठक में कहा गया कि उनके मार्गदर्शन से राज्य में सतत विकास, सड़क एवं परिवहन संपर्क, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने के प्रयासों को मजबूती मिली है।
कैबिनेट ने यह भी कहा कि हिमालयी राज्य सिक्किम के लिए विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण, आपदा से निपटने की क्षमता और स्थानीय समुदायों का कल्याण सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
बैठक में ‘विकसित भारत @ 2047’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। साथ ही, समृद्ध, प्रगतिशील और आत्मनिर्भर सिक्किम के निर्माण के संकल्प को भी मजबूत करने की बात कही गई।
अंत में मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुभकामनाएं देते हुए उनके नेतृत्व, राष्ट्र के प्रति समर्पण और भारत के विकास में योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। कैबिनेट ने कहा कि सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि जनसेवा, नेतृत्व और राष्ट्रीय परिवर्तन की प्रेरणादायक यात्रा का प्रतीक हैं।

























