सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल में सड़क किनारे रात के समय बसें पार्क करने वाले बस संचालकों के लिए नई शुल्क व्यवस्था लागू की गई है। अब रात में सड़क किनारे बस पार्क करने पर प्रति बस ₹700 प्रति माह नाइट पार्किंग शुल्क देना होगा।
इस संबंध में परिवहन विभाग की ओर से फैसला बस यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के बाद लिया गया है। परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने शुल्क व्यवस्था को लेकर घोषणा करते हुए बताया कि पुरानी शुल्क व्यवस्था को दोबारा लागू करने का निर्णय लिया गया है।
बस यूनियनों के साथ चर्चा के बाद फैसला
नाइट पार्किंग शुल्क को लेकर बस संचालकों और परिवहन विभाग के बीच चर्चा के बाद यह निर्णय सामने आया है। सरकार का उद्देश्य सड़क किनारे रात के समय खड़ी रहने वाली बसों के लिए शुल्क व्यवस्था को स्पष्ट करना और पहले से लागू व्यवस्था को फिर से प्रभावी करना है।
नई व्यवस्था के तहत सड़क किनारे रात में बस पार्क करने वाले संचालकों को अब ₹700 प्रति बस प्रति माह का भुगतान करना होगा। यानी किसी बस ऑपरेटर के पास जितनी बसें होंगी, पार्किंग शुल्क उसी के अनुसार निर्धारित होगा।
पुरानी शुल्क व्यवस्था फिर लागू
परिवहन मंत्री के अनुसार, बस यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के बाद पुरानी नाइट पार्किंग शुल्क व्यवस्था को फिर से लागू करने का फैसला लिया गया है। इससे बस संचालकों को रात में बस पार्किंग से संबंधित शुल्क को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
बस परिवहन राज्य में सार्वजनिक यातायात व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में पार्किंग शुल्क से जुड़ा कोई भी बदलाव सीधे तौर पर बस ऑपरेटरों और सड़क किनारे बसों को पार्क करने वाले परिवहन व्यवसायियों को प्रभावित कर सकता है।
₹700 प्रति बस प्रति माह होगा शुल्क
नई व्यवस्था का सीधा अर्थ है कि रात में सड़क किनारे बस पार्क करने वाले संचालकों को प्रत्येक बस के लिए हर महीने ₹700 का भुगतान करना होगा। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी ऑपरेटर की पांच बसें सड़क किनारे रात में पार्क होती हैं, तो मासिक शुल्क ₹3,500 होगा।
परिवहन विभाग और बस यूनियनों के बीच हुई चर्चा के बाद सामने आए इस फैसले को अब राज्य में नाइट पार्किंग शुल्क व्यवस्था के तौर पर देखा जा रहा है।
TravelWire अपडेट: पश्चिम बंगाल में बसों की नाइट पार्किंग से जुड़ी इस नई/पुनः लागू शुल्क व्यवस्था के तहत प्रति बस ₹700 मासिक शुल्क निर्धारित किया गया है।

























