पहाड़ी नदियों में बाढ़ के खतरे की जांच के लिए विशेषज्ञ समिति गठित
सिलीगुड़ी: दार्जिलिंग के लोकसभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजू बिष्ट ने दार्जिलिंग पहाड़, तराई और डुआर्स की तीस्ता, तोर्षा समेत अन्य पहाड़ी नदियों में बार-बार आने वाली बाढ़ के कारणों और जोखिमों की जांच के लिए पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा विशेषज्ञ समिति गठित किए जाने पर खुशी जताई है।
बिष्ट ने कहा कि उन्होंने 31 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को पत्र लिखकर ग्लेशियल झील फटने से आने वाली बाढ़, अत्यधिक बारिश, बादल फटने, भूस्खलन तथा दार्जिलिंग, कर्सियांग, कालिम्पोंग और मिरिक के पुराने ड्रेनेज सिस्टम से उत्पन्न खतरे की ओर ध्यान आकर्षित किया था।
UDMA की अधिसूचना के अनुसार, समिति के अध्यक्ष पर्वत विशेषज्ञ एवं पद्म पुरस्कार से सम्मानित डॉ. एकलव्य शर्मा होंगे। दार्जिलिंग और कालिम्पोंग के जिलाधिकारी सदस्य-संयोजक होंगे। समिति में आपदा प्रबंधन, GSI, पर्यावरण, वन तथा सिंचाई विभाग के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न विश्वविद्यालयों और IIT खड़गपुर के विशेषज्ञ शामिल होंगे। समिति बाढ़ से बचाव, आपदा तैयारी, सुरक्षित क्षेत्रों की पहचान और नियोजित विकास के लिए कार्ययोजना पर सुझाव देगी। बिष्ट ने पहल के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।

























