बाघ पुनर्प्रवेश कार्यक्रम के कारण 30 सितंबर से 3 अक्टूबर तक बक्सा टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी और पर्यटक वाहनों का प्रवेश रहेगा बंद
सिलीगुड़ी: दुर्गापूजा से पहले बक्सा घूमने की योजना बना रहे पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। बक्सा टाइगर रिजर्व में बाघ पुनर्प्रवेश कार्यक्रम के मद्देनजर वन विभाग ने चार दिनों के लिए जंगल सफारी और अन्य पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगाने का फैसला किया है। विभाग के आदेश के अनुसार, 30 सितंबर से 3 अक्टूबर तक बक्सा टाइगर रिजर्व के भीतर पर्यटक वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। बक्सा टाइगर रिजर्व के चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट एवं फील्ड डायरेक्टर कुमार विमल, आईएफएस की ओर से इस संबंध में कार्यालय आदेश जारी किया गया है। निर्धारित अवधि में किसी भी पर्यटक वाहन को जंगल के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इस दौरान जयन्ती और राजाभातखावा की जंगल सफारी भी बंद रहेगी। वन विभाग के अनुसार, बाघ पुनर्प्रवेश कार्यक्रम के तहत जंगल में बाघों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार किया जा रहा है। बाघों को जंगल में छोड़े जाने के दौरान सुरक्षा, निगरानी और अन्य आवश्यक तैयारियों को ध्यान में रखते हुए पर्यटन गतिविधियों को अस्थायी रूप से बंद किया गया है। पूजा के मौसम में यह अवधि पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में सफारी बंद रहने से पर्यटकों के साथ स्थानीय पर्यटन कारोबारियों को भी असुविधा हो सकती है। हालांकि, वन विभाग का लक्ष्य बक्सा में बाघ पुनर्प्रवेश प्रक्रिया को सुरक्षित और सफल बनाना है। बाघों की वापसी से भविष्य में बक्सा के पर्यटन को नई संभावनाएं मिलने की उम्मीद है।

























