सिलीगुड़ी: सिक्किम सरकार के सड़क एवं पुल विभाग के मंत्री एन.बी. दाहाल ने मंगलवार को ग्यालशिंग जिले में चल रहे सड़क, जल निकासी एवं अन्य आधारभूत ढांचा कार्यों का लगातार दूसरे दिन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर कर उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि बेहतर सड़क संपर्क सुनिश्चित करने के साथ आम लोगों को होने वाली असुविधा को कम किया जा सके।निरीक्षण के दौरान ग्यालशिंग जिले के जिला कलेक्टर-सह-जिला मजिस्ट्रेट तेनजिंग डी. डेनजोंगपा, सड़क एवं पुल विभाग के ओएसडी हरि नारायण सुबेदी, एसई विकास प्रधान, पीएचई विभाग के एसई संदीप खातीवाड़ा, सड़क एवं पुल विभाग के डीई संतोष सिंह, पीएचई के एई प्रदीप सुब्बा, मैकेनिकल विभाग के एई डुप वांग्याल तामांग सहित सड़क एवं पुल तथा लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (पीएचई) विभाग के अधिकारी मौजूद थे ।
सुबह मंत्री दाहाल ने सेंट मेरीज स्कूल होते हुए ग्यालशिंग से टिकजुक तक सड़क मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क की वर्तमान स्थिति और तत्काल मरम्मत की आवश्यकता वाले हिस्सों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित विभाग एवं ठेकेदार जामयांग भूटिया को कार्य समय पर पूरा करने तथा यात्रियों और आम लोगों को कम से कम असुविधा हो, यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके बाद मंत्री ने टिकजुक में पीएचई विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की स्थिति और प्रगति की जानकारी ली तथा अधिकारियों को कार्यों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया। इसके पश्चात मंत्री दाहाल ने ग्यालशिंग के जुम्सा फाटक से 8 माइल तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की प्रगति की समीक्षा करने के साथ काम की गति को प्रभावित करने वाली समस्याओं और बाधाओं की जानकारी ली। संबंधित अधिकारियों एवं कार्यकारी एजेंसी को समस्याओं का तत्काल समाधान कर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मंत्री ने 8 माइल, ग्यालशिंग में पीएचई विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों से कार्य की स्थिति तथा तत्काल ध्यान देने वाले मुद्दों पर जानकारी ली। मंत्री एन.बी. दाहाल ने संबंधित विभागों, कार्यकारी एजेंसियों और ठेकेदारों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि सभी चल रहे कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाना चाहिए। साथ ही कार्यों में गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने और आम लोगों की आवाजाही में होने वाली परेशानी को न्यूनतम रखने पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।

























