बाघिन के आगमन से बक्सा के जंगलों में बढ़ेगी रौनक, वन्यजीव संरक्षण को मिलेगी नई उम्मीद
सिलीगुड़ी: लंबे इंतजार के बाद बक्सा टाइगर रिजर्व में बाघों की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से लाई गई करीब तीन वर्षीय बाघिन को बक्सा के जंगल में सुरक्षित पहुंचा दिया गया है। उसे आगामी 2 अक्टूबर को प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा जाएगा।
इस संबंध में बुधवार को अलीपुरदुआर सर्किट हाउस में वन मंत्री मनोज कुमार ओरांव की मौजूदगी में प्रशासनिक बैठक हुई। बाघिन को रेडियो कॉलर लगाया गया है और फिलहाल उसे सॉफ्ट-रिलीज एनक्लोजर में विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया है। करीब नौ दिनों के अभियान के बाद उसे वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से पकड़ा गया था। हेलीकॉप्टर से हासीमारा एयरफोर्स स्टेशन लाने के बाद विशेष पशु एंबुलेंस से बक्सा पहुंचाया गया।
बक्सा में बाघों की स्थायी आबादी स्थापित करना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। बाघिन के लिए प्राकृतिक भोजन की उपलब्धता बढ़ाने के तहत जंगल में हिरण भी छोड़े गए हैं। 2 अक्टूबर के कार्यक्रम को देखते हुए 30 सितंबर से 3 अक्टूबर तक बक्सा टाइगर रिजर्व में सफारी और पर्यटन गतिविधियां बंद रहेंगी।

























