वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से लाई गई बाघिन को प्राकृतिक परिवेश में छोड़ा गया, अगले दो महीनों में तीन और बाघों के आगमन की तैयारी
सिलीगुड़ी: लंबे इंतजार के बाद आखिरकार बक्सा टाइगर रिजर्व के जंगल में बाघिन की वापसी हुई। बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से लाई गई बाघिन को शुक्रवार को केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी में प्राकृतिक परिवेश में छोड़ा गया। इसके साथ ही बक्सा में बाघ पुनर्वास एवं वन्यजीव संरक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
इसके बाद अलीपुरदुआर के परेड ग्राउंड में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ने बाघिन को बक्सा लाने में सहयोग के लिए बिहार सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि बक्सा में बाघों की संख्या बढ़ाने के प्रयास जारी रहेंगे और अगले दो महीनों में तीन और बाघ लाने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने अलीपुरदुआर को विश्वस्तरीय फॉरेस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने पर्यटन ढांचे को मजबूत करने के साथ स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। चाय उद्योग का जिक्र करते हुए उन्होंने बंद पड़े चाय बागानों को धीरे-धीरे खोलने की बात कही। जनजातीय विकास के तहत टोटोपाड़ा में आवास, शौचालय व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने अलीपुरदुआर विश्वविद्यालय, सड़कों और बुनियादी ढांचे के विकास पर भी जोर दिया।

























